जिन्दगी@गाँवों की

सांझ
मेरे गाँव की
समंदर से गहरी

विशाल हृदय और
नाद शंख का
जीता था मैं
जिन्दगी नातों की

जिसमें था प्यार
अपनों का साथ
निवेदन प्रणय
दिन और रात का

आनंद
मेरे गाँव का, जिन्दगी
समंदर से गहरी।

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