fyunli@kavita

यह छोटा सा रास्ता सहारा

छोटी छोटी सफलताओं का है

चूम लेती है जिस तरह गगन को

छोटी छोटी घास इक दिन।

मुझे पत्थरों पर लिखे भीगे

जज्बात न समझो

कह जाऊँगा चुपके से कोई

बड़ी बात इक दिन।

यह मैली सी दिखती है जो

सूरत चाँद सरीखे सी प्यारी है

कर दे ना अभी उजले दिवस को

काली काली रात इक दिन।

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