10 policies@Gramin Vikas aur Krisi 10 योजनाएं @ ग्रामीण विकास और कृषि

10 policies@Gramin Vikas aur Krisi 10 योजनाएं @ ग्रामीण विकास और कृषि

भारत एक कृषि प्रधान देश है। प्राचीन समय से हमने विकास के जितने आयाम तय किए हैं, उनमें कृषि की एक अहम भूमिका रही है। इसलिए अब भी हम 10 policies@Gramin Vikas aur Krisi ग्रामीण विकास और कृषि विकास की बात करते हैं। हमें कृषि के दर्शन स्वाभाविक रूप से हो जाते हैं। कृषि हमारी परम्परा का एक अंश रही है। यह हमें अपने दर्शन रीति-रिवाजों, खान-पान, रहन-सहन, वेश-भूषा, आदि में आसानी से करा देती है। जब भी हम विकास की बात करते हैं तो उस विकास के पीछे कृषि का आधार सशक्त रूप में दिखाई देता है। आधुनिक भारत का विकास बगैर कृषि के संभव नहीं है। आगे भी विकास की जो कल्पना की जाएगी, उसके केंद्र में कृषि को स्थापित करना होगा।

Gramin Vikas aur Krisi
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Gramin Vikas ka Arth ग्रामीण विकास का अर्थ-

Gramin Vikas aur Krisi  ग्रामीण विकास और कृषि में ग्रामीण विकास से तात्पर्य ग्रामीण लोगों के जीवन स्तर में व्यापक परिवर्तन के संकेत से है। यह परिवर्तन इनकी मांग में बदलाव, रहन-सहन में बदलाव, गरीबी रेखा में सुधार से है।

रोबोट चेंबर के अनुसार-

ग्रामीण विकास एक पद्यति है जिसके द्वारा ग्रामीण क्षेत्र के निर्धन और गरीब लोगों की सहायता की जाती है।

रोजर्स के अनुसार-

ग्रामीण विकास एक प्रकार का सामाजिक परिवर्तन है।

ग्रामीण विकास का वर्तमान स्वरूप-

जब भी हम गांव की बात करते हैं तो हमारे मस्तिष्क में गांव का एक सामान्य चित्र बनता है जहां आधारभूत सुविधाओं की कमी एवं सामाजिक संरचना का अभाव होता है।

10 policies@Gramin Vikas aur Krisi 10 योजनाएं @ ग्रामीण विकास और कृषि

  1. ग्रामीण विकास का महत्व आधारभूत संरचना का विकास करना है जैसे सड़क स्कूल कॉलेज संचार चिकित्सा बिजली कृषि उपकरण आदि का विकास।
  2. ग्रामीण जनसंख्या को सशक्त और यथा योग्य आत्मनिर्भर बनाना।
  3. महिलाओं के उत्थान के लिए प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाना।
  4. कृषि भूमि का परीक्षण कर उपयुक्त फसल के लिए तैयार करना तथा उत्पादकता को बढ़ाना।
  5. ग्रामीण क्षेत्रों में आवास की समस्या को हल करना तथा आवास ही व्यक्तियों को उचित आवास उपलब्ध कराना।
  6. गांव में स्वस्थ लोकतंत्र के आज प्रणाली को मजबूत करना तथा योग्य और प्रतिभावान व्यक्तियों को स्वस्थ लोकतंत्र के लिए प्रेरित करना।
  7. ग्रामों प्रतिभा पलायन को रोकना तथा ग्रामीण स्तर पर उनको रोजगार प्रदान कर ग्रामों में बेरोजगारी दर नियंत्रित करना।
  8. पीडीएस के तहत आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्तियों/परिवारों को लाभ प्रदान कर भुखमरी को नियंत्रित करना।
  9. अलाभकारी कृषि को लाभकारी कृषि में बदलने के लिए उचित वातावरण बनाना और कृषकों को को प्रोत्साहन देकर उनमें निराशावादी सोच का अंत करना।
  10. पशुओं की नस्ल सुधारने पर विशेष ध्यान देना जिससे उनसे मिलने वाला दूध, मांस, और ऊन अधिक मात्रा में मिल सके।
  11. केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को जिला एवं ब्लॉक स्तर से गांव गांव तक पहुंचाना।

भारत सरकार ने Gramin Vikas aur Krisi 7 ग्रामीण विकास और कृषि विकास के लिए कई योजनाओं को स्वतंत्रता प्राप्ति के समय से ही संचालित कर दिया था। ऐसी ही कुछ लोकप्रिय योजनाएं भविष्य में ग्रामीण विकास पर अपना प्रभाव छोडेंगी।

इस संदर्भ में भारत सरकार द्वारा चलाई गई कुछ प्रमुख योजनाएं-

  • swarnjayanti gram swarojgar yojna स्वर्णजयन्ती ग्राम स्वरोजगार योजना – अप्रैल 1999,
  • pradhanmantri gram sadak yojna प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना – दिसंबर 2000,
  • pradhanmantri gramoday yojna प्रधानमंत्री ग्रामोदय योजना – 2001,
  • bharat nirman yojna भारत निर्माण योजना – दिसमबर 2005,
  • mnrega/narega मनरेगा/नरेगा – 2005/2009,
  • deen dayal antyoday yojna दीनदयाल अंत्योदय योजना – 2011,
  • rastriya gramin aajivika mishan राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन – 2011,
  • swachh bharat abhiyan स्वच्छ भारत अभियान – 2014,
  • adarsh gram yojna आदर्श ग्राम योजना – अक्टूबर 2014,
  • pradhanmantri fasal beema yojna प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना – अगस्त 2016,
  • pradhanmantri awas yojna प्रधानमंत्री आवास योजना – सितंबर 2016,

Gramin Vikas aur Krisi

    Gramin Vikas aur Krisi

1- स्वर्णजयन्ती ग्राम स्वरोजगार योजना – अप्रैल 1999-

Gramin Vikas aur Krisi 7 ग्रामीण विकास और कृषि स्वर्णजयन्ती ग्राम स्वरोजगार योजना अप्रैल 1999 में प्रारंभ की गई। रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए या एक समन्वित कार्यक्रम है। यह योजना गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले लोगों की मदद करके सामाजिक एकजुटता, प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण, और आय बढ़ाने के उद्देश्य से प्रारंभ की गई। इस योजना में 10 से 20 व्यक्तियों का समूह बनाकर 1.25 लाख का ऋण दिया जाता है तथा 50% की धनराशि अनुदान के रूप में दी जाती है।

2- प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना – दिसम्बर 2000-

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना योजना का उद्देश्य 500 या उससे अधिक की आबादी वाले ग्रामों को सड़कों से जोड़ना था ताकि उनका समुचित विकास हो सके।

3- प्रधानमंत्री ग्रामोदय योजना – 2001-

ग्रामीण विकास को सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल तथा विद्युतीकरण जैसी आधारभूत आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए प्रधानमंत्री ग्रामोदय योजना को प्रारंभ किया गया था।

4- भारत निर्माण योजना – दिसम्बर 2005-

ग्रामीण लोगों को बेहतर जीवन प्रदान करने के लिए भारत निर्माण योजना का शुभारंभ किया गया। भारत निर्माण योजना के 6 प्रमुख आकर्षण बिजली, सड़क, पानी, सिंचाई, संचार और आवास की सुविधा थे।

5- मनरेगा/नरेगा – 2005/2009-

यह योजना नरेगा के नाम से 2 फरवरी 2006 को लागू की गई, तथा 2 अक्टूबर 2009 से मनरेगा के नाम से जानी गई। इस योजना में गरीब और कमजोर आय वर्ग के लोगों को 10 दिन की रोजगार गारंटी दी गई है। जिससे Gramin Vikas aur Krisi 7 ग्रामीण विकास और कृषि परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो सके और उनके आत्मविश्वास को बल मिल सके।

6- दीनदयाल अंत्योदय योजना ,राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन – 2011-

इस योजना का उद्देश्य गरीबों के सतत् सामुदायिक संस्थाओं की स्थापना करना तथा इन संस्थाओं के माध्यम से ग्रामीण गरीबी समाप्त करना है। इन स्वयं सहायता समूह को स्वयं वित्तीय सहायता आरबीआई, वित्त सेवा विभाग, तथा भारतीय बैंक महासंघ मिलकर कर सकते हैं।

7- स्वच्छ भारत अभियान – 2014-

स्वच्छ भारत अभियान योजना राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को समर्पित है। स्वच्छ भारत अभियान से सरकार का उद्देश्य संपूर्ण भारत को खुले में शौच से मुक्त करना तथा ग्रामीण जीवन स्तर को बेहतर बनाना है।

8- सांसद आदर्श ग्राम योजना – अक्टूबर 2014-

सांसद आदर्श ग्राम योजना स्थापना अक्टूबर 2014 में की गई। सांसद आदर्श ग्राम योजना का उद्देश्य गांव में लोगों के जीवन स्तर को ऊंचा करना, सामाजिक न्याय की गारंटी देना, सामाजिक जीवन में पारदर्शिता, जवाबदेही और इमानदारी लाना, चुने हुए गांवों को आदर्श गांव अर्थात विकसित गांव बनाना है। सरकार का लक्ष्य सांसद आदर्श ग्राम योजना के माध्यम से Gramin Vikas aur Krisi 7 ग्रामीण विकास और कृषि से 25 सौ गांवों को आदर्श ग्राम बनाना है।

9- प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना – अगस्त 2016-

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अगस्त 2016 से प्रारंभ की गई। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना के स्थान पर आरंभ की गई। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का उद्देश्य कृषकों को आपदाओं, जैसे सूखा, ओलावृष्टि, बाढ़ आदि से अधिक से अधिक रक्षा करना है। इसमें कृषक को खरीफ पर 2 प्रतिशत, रवि पर 1.5 प्रतिशत, और नकदी बागवानी की फसलों पर 5 प्रतिशत का प्रीमियम देना होता है।

10- प्रधानमंत्री आवास योजना – सितंबर 2016-

प्रधानमंत्री आवास योजना सितंबर 2016 से प्रारंभ की गई। यह योजना पूर्व में इंदिरा गांधी आवास योजना के स्थान प्रदान की गई है। इस योजना में सभी बी0पी0एल0 के लोगों को 70000 रुपए तक की आर्थिक मदद की जाती है। प्रधानमंत्री आवास योजना में केंद्र और राज्य मिलकर 75 अनुपात 25 के अनुपात में तथा उत्तर पूर्व में 90 अनुपात 10 के अनुपात में अपना योगदान देते हैं।

for fyunli by- भानु प्रताप सिंह रावत

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